-
286
छात्र -
238
छात्राएं -
22
कर्मचारीशैक्षिक: 128
गैर-शैक्षिक: 153
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

उत्पत्ति
केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक 2, एनएचपीसी बनबसा ने वर्ष 1989 में प्रोजेक्ट एनएचपीसी क्षेत्र के अंतर्गत कार्य करना शुरू किया
केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक 2, एनएचपीसी बनबसा उत्तराखंड के चंपावत जिले में स्थित है। बनबसा चंपावत जिले का एक कस्बा है। विद्यालय चंदनी डाकघर, बनबसा, जनपद चंपावत, उत्तराखंड में स्थित है तथा अल्मोड़ा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है ।
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करने और बढ़ावा देने के लिए।..
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करने और बढ़ावा देने के लिए।..
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्रीमती प्रीति सक्सैना
उपायुक्त के वि. सं. देहरादून संभाग
केन्द्रीय विद्यालय संगठन, देहरादून संभाग द्वारा जनसामान्य एवं अभिभावकों हेतु नवीन एवं व्यापक वेबसाइट प्रस्तुत करते हुए हमें बहुत खुशी हो रही है| यह वेबसाइट इस संभाग के अधीन केंद्रीय विद्यालयों में भविष्य के नागरिकों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास हेतु चल रही विविध गतिविधियों एवं विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उपलब्धि के संग्रह का एक दर्पण है। आज शिक्षा, एक संकीर्ण दायरे तक सीमित नहीं है अपितु यह ज्ञान की गहराई, चरित्र की संस्कृति और व्यक्तित्व के सम्मिश्रण को गले लगाती है । के.वि.सं ने छात्रों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमताएं और उत्कृष्टता साबित करने के लिए असीमित अवसर प्रदान करने में अग्रणी पहल की है। यह शिक्षा मनोविज्ञान के मूल उद्देश्य के साथ एक धर्मनिरपेक्ष वातावरण में शैक्षिक और सह पाठ्य गतिविधियों के साथ शिक्षा प्रदान करने की एक संस्था है । राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की भी एक निर्णायक भूमिका है | के.वि.सं. में उच्च प्रशिक्षित प्राचार्यों एवं शिक्षकों की टीम है जो समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह से समर्पित हैं तथा जिनका चयन पूरे भारत में मेरिट के आधार पर किया जाता है | अपने विषय में उत्कृष्ट ज्ञान रखने के अलावा वे अच्छी तरह सीखने और शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम की नवीनतम तकनीक से अद्यतन रहते हैं। उन्हें विद्यालय स्तर पर विषय समिति की बैठकों और कर्मचारियों की बैठक के दौरान, अभिविन्यास और पुनश्चर्या पाठ्यक्रमों एवं क्षेत्रीय और अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित कार्यशालाओं और सेमिनार के माध्यम से ज्ञानार्जन के पर्याप्त अवसर प्रदान किए जाते हैं । शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रतिवर्ष प्रथम कक्षा में 25 % प्रवेश समाज के आर्थिक एवं सामाजिक दृष्टि से कमजोर वर्ग के बच्चों को दिया जाता है, तथा ऐसे बच्चों से आठवीं कक्षा तक कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता है | अपनी इस वेबसाइट पर हम अपने प्रशासन, बुनियादी सुविधाओं, शैक्षिक उपलब्धियों और गैर शैक्षिक गतिविधियों, नवीनतम घटनाओं, और उपलब्धियों की बात करेंगे। मैं देहरादून संभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न केन्द्रीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों , शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों और छात्रों के निरंतर प्रयास के लिए के लिए आभारी हूँ जिसके कारण हमारा ध्वज ऊँचा लहरा रहा है| उपायुक्त ,के वि. सं. देहरादून संभाग
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राजेश कुमार वत्स
प्राचार्य
प्यारे बच्चों, आज का विद्यार्थी कल का नागरिक है। उज्ज्वल भविष्य के लिए वर्तमान को सँवारना आवश्यक है। उपयोगी कार्यों में स्वयं की सक्रिय भागीदारी के लिए सदैव तत्पर रहो। आप स्वयं ही अपने को एक बुद्धिमान, सभ्य एवं सफल नागरिक के रूप में तैयार कर लेंगे। यह दैनन्दिनी आपके अन्दर योजनाबद्ध एवं नियमित रूप से गृहकार्य को करने की आदत विकसित करने के लिए बनाई गई है। आपको निर्देशित किया जाता है कि आप प्रत्येक कालांश में अपने विषयाध्यापक की बातों को ध्यानपूर्वक सुने तथा उनके द्वारा दिए गए गृहकार्य को इसमें लिखें। घर में गृहकार्य करते समय सभी निर्देशों को ध्यान में रखते हुए कार्य करेंगे तो गुणवत्ता की दृष्टि से कार्य अच्छा होगा। अपने अभिभावकों की राय से पढ़ाई के घण्टे निश्चित कीजिए। विद्यालय में पढ़े गए पाठों की पुनरावृत्ति के साथ अगले दिन के पाठ की तैयारी भी कीजिए। भविष्य में यह आदत आपके लिए लाभदायी होगी | स्वयं को सर्वोत्तम सिद्ध करने के लिए सर्वोत्तम प्रयास आवश्यक है। याद रखिए कि सुधार की आवश्यकता सदैव बनी रहती है। आपके घर, विद्यालय एवं देश ने आपको जो भी सुविधाएँ प्रदान की हैं उनका सर्वोत्तम ढंग से लाभ उठाइए। अपने कार्य को तुरन्त पूरा कीजिए। सफलता आपके कदम चूमेगी। इस दैनन्दिनी में सभी सूचनाएँ महत्त्वपूर्ण हैं। यह विद्यालय आपको विद्यालय में तथा विद्यालय से बाहर होने वाले सभी प्रकार के क्रिया-कलापों में भाग लेने के अधिकाधिक अवसर प्रदान करता है, प्रत्येक अवसर का लाभ उठाइए। आपको इस दैनन्दिनी को प्रतिदिन विद्यालय लेकर आना है तथा सावधानी से इसको रखना है। याद रखिए कि' "परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।" राजेश कुमार वत्स प्राचार्य
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निपुण लक्ष्य के लिए यहाँ क्लिक करे भवतः निपुण भारत मिशन से संबंधित है, जो मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता पर ध्यान केंद्रित करता है। यह खंड छात्रों के बीच इन कौशलों को सुधारने के लिए लक्ष्यों और प्रगति को रेखांकित कर सकता है।
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